कोज़ीकोड: केरल की एक महिला पत्रकार को सोशल मीडिया पर अपशब्दों और गालियों का सामना करना पड़ा जिसके बाद उनके फेसबुक पेज को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है। दरअसल पत्रकार वीपी रेजीना ने अपने बचपन की उस घटना के बारे में लिखा था जब मदरसे में पढ़ने वाले उनके दोस्तों के साथ ‘दुर्व्यवहार’ किया जाता था।

रेजीना, एक कट्टरपंथ समुह द्वारा चलाए जाने वाले क्षेत्रीय अखबार में काम करती हैं और उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि वह कोज़ीकोड के जिस मदरसे में जाती थीं, वहां के उस्ताद सभी लड़कों को बुलाकर उन्हें अनुचित जगह पर छूते थे।
इसके आगे रेजीना लिखती हैं ‘पहली क्लास का पहला दिन, उस्ताद ने सभी लड़कों को बुलाया, उनके पेंट की चेन खोल दी और उन्हें गलत जगह पर छूने लगे। टीचर ने उन बच्चों से कहा कि वह उनका साइज़ चेक कर रहे हैं।’

‘धमकियों से नहीं डरती’

अपनी पोस्ट पर रेजीना ने लिखा जब मैं चौथी क्लास में गई तब उस्ताद लड़कियों को भी नहीं छोड़ते थे और नाइट क्लास के दौरान बिजली नहीं होने पर वह छात्राओं को छेड़ते थे। एक बार तो एक लड़की ने उस्ताद को शिकायत की धमकी भी दे डाली थी। पत्रकार बताती हैं कि कई लड़के लड़कियों को इस बर्ताव की वजह से मदरसा छोड़ना पड़ गया था।

इस पोस्ट ने काफी विवाद खड़ा कर दिया और बहस में अलग अलग खेमों से प्रतिक्रिया आने लगी। इसके बाद रेजीना ने कहा कि वह इस तरह के कड़ी टिप्पणियों और उनके जान को खतरे में डालने वाली धमकियों से नहीं डरती क्योंकि सच और अल्लाह उनके साथ हैं। रेजीना के फेसबुक अकाउंट पर उनके समर्थकों और विरोधियों के संदेशों की बाढ़ लग गई और कई लोगों द्वारा उनके पेज की शिकायत करने के बाद फेसबुक ने उसे अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है।

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