आरटीआई से हुआ खुलासा : लगता है कि महाराष्ट्र के समाचार पत्र प्रबंधन ये मानकर चल रहे हैं कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मानना है, चाहे उसके लिये कुछ भी हो जाये। मुंबई के समाचार पत्रों में मजीठिया वेतन आयोग को कितना अमल में लाया जा सका है, यह तो पहले ही बताया जा चुका है, अब बारी है पूरे महाराष्ट्र की। महाराष्ट्र में मुंबई कोंकण मंडल, नागपुर मंडल, नासिक मंडल तथा औरंगाबाद मंडल में पत्रकारों के लिये गठित मजीठिया वेतन आयोग को कितना अमल में लाया गया है, इसका भी हालेबयां जान लीजिये।

मुंबई के निर्भीक पत्रकार शशिकांत सिंह को आरटीआई के जरिये जो जानकारी श्रम आयुक्त कार्यालय ने उपलब्ध करायी है वह काफी चौकाने वाली है। महाराष्ट्र में मजीठिया के मामले में सबसे खराब हालत नासिक की है। यहां के पांच समाचार पत्रों का श्रम निरीक्षकों ने निरीक्षण किया तो पांचों समाचार पत्रों में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं की गयी थी। इसी तरह मुंबई के कोंकण मंडल के 38 समाचार पत्रों में सिर्फ पांच ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश अपने यहां पूरी तरह लागू किया है जबकि तीन समाचार पत्रों ने अपने यहां यह सिफारिश आंशिक रूप से लागू किया है। इस मंडल के तीस समाचार पत्रों ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं की है।

नागपुर मंडल के बारे में जो जानकारी उपलब्ध करायी गयी है उसके मुताबिक यहां के ४४ समाचार पत्रों में से १३ ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कर दी है जबकि दो समाचार पत्रों ने आंशिक रूप से यह सिफारिश लागू की है और २९ ने यह सिफारिश लागू नहीं किया है। औरंगाबाद मंडल के 35 समाचार पत्रों में से सिर्फ २ समाचार पत्रों ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू की है और दो समाचार पत्र प्रबंधन ने आंशिक रूप से यह सिफारिश लागू की है और ३२ समाचार पत्रों ने सिफारिश लागू ही नहीं किया है।

मुंबई के कोंकण, नागपुर, नासिक और औरंगाबाद मंडल के १५४ समाचार पत्रो में से कुल मिलाकर सिर्फ २६ समाचार पत्रों ने मजिठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू की है जबकि सात ने आंशिक रूप से यह सिफारिश लागू किया है और १२३ समाचार पत्र प्रबंधन ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश ही लागू नहीं किया है।(भडास वरून साभार )

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