Thursday, May 13, 2021

पत्रकार सुरक्षा कायद्यासाठी पत्रकारांची दिल्लीत निदर्शने

जंतर-मंतर पर जुटे देश भर से हजारों पत्रकार
मीडिया काउंसिल और मीडिया आयोग के गठन की मांग
नई दिल्ली 7 दिसंबर। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को लेकर  देशभर के हजारों पत्रकारों ने सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रचंड प्रदर्शन किया। पत्रकारों पर देश भर में बढ़ रहे जानलेवा हमलों के विरोध में संसद भवन की तरफ बढ़ रहे मीडियाकर्मियों को रोकने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पत्रकारों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मीडिया काउंसिल और मीडिया आयोग के गठन की मांग की और इस संबंध में प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी को अपना ज्ञापन सौंपा।

नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के अध्यक्ष श्री रासबिहारी ने कहा कि आज पत्रकार जानलेवा हमलों, उत्पीड़न और शोषण से पीड़ित हैं। इस साल देश में 8 पत्रकारों को सच लिखने की कीमत अपनी जान देकर गंवानी पड़ी। 200 से ज्यादा पत्रकारों पर हमला किया गया। चिंताजनक यह है कि पीड़ित पत्रकारों को न्याय मिलना तो दूर उनकी पीड़ा को सुना भी नहीं जा रहा। इसीलिए हम पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बचाने के लिए यह जरूरी है है कि केंद्र सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने का फैसला अविलंब ले। उन्होंने कहा कि मीडिया काउंसिल और मीडिया आयोग का गठन तुरंत करने की जरूरत है।
एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय महासचिव श्री रतन दीक्षित ने कहा कि आज पत्रकार तमाम कठिनाइयों से जूझ रहा है। आर्थिक असुरक्षा, मानसिक प्रताड़ना और रोजगार की अनिश्चितता उसके जीवन का हिस्सा बन गई है। पत्रकार बिरादरी आज केंद्र सरकार से न्याय की उम्मीद किये बैठी है। दुखद पहलू यह है कि राज्यों से लेकर केंद्र सरकार तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पांडे और महासचिव आनंद राणा ने कहा कि पत्रकारों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के प्रदर्शन से यह साबित हो गया है कि अन्याय के खिलाफ पत्रकार बिरादरी पूरी तरह एकजुट है।
आज के प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, प. बंगाल, बिहार और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों से आए पत्रकारों ने अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन में एनयूजे के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन के त्रिखा, राजेंद्र प्रभु, सुरेश शर्मा, ललित शर्मा, अशोक मलिक, बीडी शर्मा, शीतल काडेकर, प्रसन्ना मोहंती, सीमा किरण, दधीबल यादव, केजी सुरेश, कुमार राकेश, शंकर प्रसाद मिश्रा, उदय जोशी, मनोज वर्मा, प्रमोद सैनी, मनोज मिश्र, नीरज गुप्ता, संजय राठी अरमनाथ वशिष्ठ, भारतीय मजदूर संघ के पवन कुमार, अश्विनी राणा, प्रेस क्लब आफ इंडिया के अध्यक्ष राहुल जलाली, महासचिव नदीम अहमद काजमी, अरविंद कुमार सिंह, इंद्रप्रस्थ प्रेस क्लब के नरेंद्र भंडारी और अंजलि भाटिया, भीम सिंह सहित कई जाने-माने पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किए।

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