हरियाणा सरकारने पत्रकारांना पेन्शन विमा,टोल मुक्त प्रवासाची सोय आदि सुविधा लागू केल्यानंतर आता उत्तर प्रदेश सरकारनेही पत्रकारांसाठी कल्याणकारी याेजना राबवायला सुरूवात केलीय.त्यासाठी मिडिया समन्वय समिती गठित केली असून ही समिती पत्रकारांवरील हल्ले,निवास योजना,पेन्शन आणि पत्रकारांच्या अन्य प्रश्नांबाबत निणर्य घेणार आहे.या समितीत विविध विभागाच्या तीन सदस्यांसह प्रिन्ट मिडियातील तीन पत्रकार आणि इलेक्टा्रनिक मिडियाचे दोन पत्रकार या समितीत पत्रकारांचे प्रतिनिधी म्हणून काम करतील.ही समिती व्दिस्तरीय असून राज्य आणि जिल्हा पातळीवर समिती काम करेल.जिल्हा पातळीवर जिल्हाधिकारी समितीचे अध्यक्ष असतील.महाराष्ट्र सरकार मात्र अजून काहीच करायला तयार नाही.

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा, आवास, स्वास्थ एवं परिवहन संबंधी दिक्कतों के निराकरण के लिए सरकार ने मीडिया समन्वय समिति का गठन किया है। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की मांग को पूरा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस समिति के गठन के निर्देश दिए थे। समिति राज्य मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी जिलों के पत्रकारों के आवास, सुरक्षा, स्वास्थ एवं परिवहन संबंधी परेशानियों का निराकरण करेगी।

प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में गठित होने वाली इस समिति में कुल 13 सदस्य होंगे। समिति में प्रमुख सचिव स्वास्थ, परिवहन, आवास, सूचना, पुलिस महानिदेशक व राज्य संपत्ति अधिकारी बतौर सदस्य शामिल होंगे जबकि सूचना निदेशक सदस्य सचिव रहेंगे। उक्त समिति में पत्रकारों के प्रतिनिधि के तौर पर तीन सदस्य प्रिंट मीडिया से और दो सदस्य इलेक्ट्रानिक मीडिया से शामिल रहेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी और सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने समिति के गठन के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई देते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि समिति के माध्यम से राज्य मुख्यालय सहित प्रदेश के दूर-दराज जिलों के पत्रकारों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा। इस बारे में जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने बताया कि प्रदेश सरकार ने स्थानीय स्तर पर पत्रकारों के उत्पीड़न संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला स्तरीय स्थाई समिति का गठन कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थाई समिति में ग्रामीण अंचल के दो पत्रकारों सहित जिला मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त चार पत्रकारों को शामिल किया गया है। जिलों में तैनात सूचना अधिकारी अथवा सहायक निदेशक सूचना स्थाई समिति के पदेन सचिव होंगे। कलहंस ने बताया कि राज्य मुख्यालय पर गठित की जाने वाली समन्वय समिति की बैठक चार महीने में एक बार या आवश्यकता पड़ने पर कभी भी आहूत की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here