चेन्नई- जय ललिता यांना शिक्षा झाल्यानंतर चेन्नई आणि तामिळनाडूच्या अन्य भागात उसळलेल्या हिंसाचारानंतर जमावाने मिडियाला टार्गेट केल्याचे दिसते आहे.एनडीटीव्हीची ओबी व्हॅन,टाइम्स नाऊचे पत्रकार तसेच अन्य वाहिन्याचे पत्रकार जमावाचे शिकार ठरले आहेत.या बाबत तक्रारी दाखल केल्यानंतर अन्नदम्रुकच्या अकरा कार्यकर्त्यांना पोलिसांनी अटक केली आहे.मिडियावरील हल्लयाबद्दल अन्नद्रमुकने माध्मयांची माफी मागितली आहे.

मुख्यमंत्री जे. जयललिता को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद तमिलनाडु के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। अन्नाद्रमुक के नाराज समर्थकों ने पथराव और आगजनी की है और दुकानों को बंद करने पर मजबूर किया है।

उग्र प्रदर्शनकारियों ने चेन्नई में पोएस गार्डन स्थित जयललिता के आवास के बाहर लगी एनडीटीवी की ओबी वैन और कैमरे तोड़ दिया है। इसके बाद उन्होंने पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं को हमारी सहयोगी उमा सुधीर पर हमले करने के लिए भी कहा।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के द्रमुक अध्यक्ष एम. करणानिधि, उनके पुत्र एम के स्टालिन और एम के अलागिरि का पुतला दहन करने और चेन्नई और मदुरै में विभिन्न स्थानों पर पार्टी का पोस्टर फाड़ने के बाद तनाव व्याप्त है।

जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी के आवास पर पथराव किया, वहीं द्रमुक और अन्नाद्रमुक समर्थकों के बीच यहां गोपालपुरम में झड़प हुई।

पुलिस ने बताया कि वेप्पुर गांव में राज्य परिवहन निगम की एक बस में आग लगा दी गई और कुड्डालूर जिले में पथराव की घटना में तकरीबन 20 बसों में आग लगा दी गई।

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