शहिद पत्रकार गजेंद्रसिहचे कुटुंब रस्त्यावर
युपीतील पत्रकार गजेद्रसिंह याची हत्य्ा होऊन आता आठ दिवस लोटले असले तरी अद्याप अारोपी मत्र्याला अटक झालेली नाही.त्याचा निषेध करण्यासाठी गजेंद्र्सिहचा सारा परिवार रस्त्याावर उतरला असून हे कुटुंब एकाकीपणे उपोषणाला बसले आहे.पत्रकारांना संरक्षण नको म्हणणाऱ्यांच्या डोळ्यात अंजन घालणारा हा सारा प्रकार आहे.

गौरतलब है कि शाहजहांपुर में पत्रकार जगेन्द्र को जलाकर मार डालने के मामले में राज्यमंत्री वर्मा समेत छह अभियुक्तों के खिलाफ गत नौ जून को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़ित परिवार तथा विभिन्न विपक्षी दल वर्मा की मंत्रिमण्डल से बर्खास्तगी और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।

उधर, सीबीआई जांच और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग को लेकर रविवार को जगेंद्र का पूरा परिवार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया। जगेंद्र के परिवार वालों का कहना है कि मंत्री राममूर्ति वर्मा के गुर्गे और सपा नेता मिथिलेश कुमार उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इसके लिए 10 लाख रुपए की पेशकश भी की गई है। ऐसा नहीं करने पर वे लोग परिवार को धमकी भी दे रहे हैं। पत्रकार जगेंद्र सिंह के बीवी-बच्चों ने मंत्री राममूर्ति वर्मा को बर्खास्त करने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके अलावा, मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है।

कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जांच पूरी हुए बगैर मंत्री को नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आप तो जानते हैं कि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, आरोप लगाए जाते हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होगी तब तक किसी भी मंत्री को नहीं हटाया जाएगा। पत्रकार की हत्या के मामले में मंत्री से अब तक पूछताछ नहीं किये जाने के मद्देनजर निष्पक्ष जांच की सम्भावना को लेकर उठ रहे सवालों के बारे में पूछे जाने पर यादव ने दावा किया ‘पूछताछ हो रही है, जांच हो रही है।’ यादव का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य पुलिस कह रही है कि मामले में सुबूत एकत्र किए जा रहे हैं, उसके बाद मंत्री से पूछताछ की जा सकती है।

यू्पी के उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारस नाथ यादव ने पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत को ‘निश्चित घटना’ कहकर उसे प्रकृति का विधान बता दिया। साथ ही, पत्रकारों को नसीहत देकर उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकार अपना काम कैसे कर रहे हैं, जरा उसे भी देखा जाए।

बीजेपी नेता और गोरखपुर के सांसद आदित्यनाथ ने भी पत्रकार को जिंदा जलाने के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। बलिया में उन्होंने कहा, ”जगेंद्र को जिंदा जलाने के मामले की सीबाआई जांच होनी चाहिए। यह मांग इसलिए की जा रही है, क्योंकि प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कोई भी जांच एजेंसी राज्य मंत्री से जुड़ा मामला होने की वजह से पत्रकार के पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं दिला सकेगी।”

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