देश भर के मीडियाकर्मियों के वेतन, भत्ते और प्रमोशन से जुड़े जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के पालन को लेकर महाराष्ट्र के रत्नागिरी में सबसे ज्यादा हालात खराब है। यहाँ अखबार मालिक माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश को ठेंगे पर रखते दिखाई दे रहे हैं। मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आर टी आई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने महाराष्ट्र के हर जिले में आरटीआई डालकर कामगार विभाग से मजीठिया वेज बोर्ड के अमल में लाने की करेंट स्टेटस पूछी थी।

रत्नागिरी से कामगार विभाग के जन माहिती अधिकारी एल ए सावंत ने इस आरटीआई के जवाब में 9 दिसंबर 2016 को जवाब दिया कि मजीठिया वेतन आयोग की अनुशंसा से जुड़े एक भी प्रतिष्ठान ने अपना 2007 से 2010 तक की बैलेंसशीट नहीं दी है। किसी भी प्रतिष्ठान ने कर्मचारियों की प्रमोशन लिस्ट भी नहीं दी. रत्नागिरी में एक भी रिकवरी सर्टिफिकेट प्रबंधन के खिलाफ नहीं जारी किया गया है। इससे जाहिर है कि रत्नागिरी में सुप्रीमकोर्ट के आदेश का किसी अखबार मालिक ने पालन नहीं किया और कामगार विभाग भी यहाँ सुस्त पड़ा है.

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